हिंदू सम्मेलन का भव्य आयोजन

 



कासिमाबाद (गाजीपुर)


क्षेत्र के ग्राम पंचायत सोनबरसा स्थित रामलीला मैदान परिसर में सोमवार को हिंदू सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने हिंदुत्व की अवधारणा को स्पष्ट किया और सनातन संस्कृति को विश्व की प्राचीनतम, वैज्ञानिक व जीवन मूल्यों से परिपूर्ण संस्कृति बताया। वक्ताओं ने कहा कि सनातन परंपरा केवल पूजा-पद्धति नहीं, बल्कि समाज, परिवार और राष्ट्र के समग्र विकास की जीवन शैली है।

सम्मेलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर प्रस्तावित पंच परिवर्तन सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी और नागरिक कर्तव्यक्षको जन-जन के जीवन में उतारने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि इन मूल तत्वों को अपनाकर ही समाज को संगठित, सशक्त और जागरूक बनाया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इतिहास साक्षी है कि जहां हिंदू समाज कमजोर या विभाजित हुआ, वहां देश की एकता और अखंडता को क्षति पहुंची।

हिंदू समाज को संगठित करने पर जोर देते हुए वक्ताओं ने कहा कि संगठित समाज ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकता है। सामाजिक एकता, आपसी सहयोग और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। सम्मेलन के दौरान पारिवारिक मूल्यों, नैतिक शिक्षा तथा राष्ट्र निर्माण में समाज की भूमिका पर भी गंभीर विचार-विमर्श किया गया।

वक्ताओं ने मातृत्व शक्ति की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि समाज और राष्ट्र के निर्माण में महिलाओं का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। परिवार से लेकर समाज तक संस्कारों की नींव मातृशक्ति के माध्यम से ही मजबूत होती है। महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना समरस और सशक्त समाज की कल्पना अधूरी है।

कार्यक्रम को जिला प्रचारक प्रभात, विभाग व्यवस्था प्रमुख मुरलीधर, विभाग प्रचार प्रमुख जितेंद्र, खंड कार्यवाह विनोद, दयाशंकर यादव, संगीता यादव, रणजीत, अरविंद, दीपक, हरिकेश और दिनेश सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। अध्यक्षता नंद गोपाल दास महाराज व संचालन सह खंड कार्यवाह दुर्गेश ने किया।

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