मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना ने अम्बेडकरनगर में रचा नया इतिहास

 *मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना ने अम्बेडकरनगर में रचा नया इतिहास*


*33,718 बेटियों को 785.61 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, बेटियों के सशक्तिकरण में योगी सरकार की बड़ी उपलब्धि*



अम्बेडकरनगर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार के नवनिर्माण के नौ वर्ष पूरे होने पर महिला एवं बालिका सशक्तिकरण के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति सामने आई है। अम्बेडकरनगर जिले में मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना (एमएसकेवाई) ने बेटियों के उज्ज्वल भविष्य को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जिले में अब तक 33,718 बेटियों को इस योजना का लाभ मिल चुका है, जिसके तहत कुल 785.61 लाख रुपये की धनराशि विभिन्न चरणों में वितरित की जा चुकी है। यह उपलब्धि हजारों गरीब परिवारों के लिए आर्थिक संबल बनकर उभरी है और बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य तथा सुरक्षा को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध हुई है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना उत्तर प्रदेश सरकार की प्रमुख कल्याणकारी पहल है, जिसका उद्देश्य बेटी के जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक के विभिन्न पड़ावों पर आर्थिक सहायता देकर परिवारों को बेटी पालन-पोषण के बोझ से मुक्त करना है। योजना के तहत पात्र बालिकाओं को कुल 25,000 रुपये की सहायता छह चरणों में प्रदान की जाती है, जो सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से हस्तांतरित होती है। योजना के प्रमुख चरण इस प्रकार हैं: प्रथम चरण (जन्म पर): 5,000 रुपये

द्वितीय चरण (एक वर्ष तक पूर्ण टीकाकरण पर): 2,000 रुपये

तृतीय चरण (कक्षा 1 में प्रवेश पर): 3,000 रुपये

चतुर्थ चरण (कक्षा 6 में प्रवेश पर): 3,000 रुपये

पंचम चरण (कक्षा 9 में प्रवेश पर): 5,000 रुपये

षष्ठम चरण (स्नातक/दो वर्षीय डिप्लोमा में प्रवेश पर): 7,000 रुपये

जिला मजिस्ट्रेट अनुपम शुक्ला ने बताया कि योजना की पात्रता में उत्तर प्रदेश का निवासी होना, परिवार की वार्षिक आय 3 लाख रुपये से कम होना तथा प्रति परिवार अधिकतम दो बेटियों को लाभ सुनिश्चित किया जाता है। जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में गरीब परिवारों की बेटियां इस योजना से जुड़कर अपनी पढ़ाई जारी रख पा रही हैं। इससे स्कूल ड्रॉपआउट दर में कमी आई है, बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है तथा समाज में बेटी के जन्म को उत्सव के रूप में मनाने की सोच मजबूत हुई है। यह योजना केंद्र सरकार के 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान को भी मजबूती प्रदान करती है। जिले में अब तक प्राप्त सफलता से प्रेरित होकर भविष्य में और अधिक बेटियों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि उत्तर प्रदेश की हर बेटी शिक्षित, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बन सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस संवेदनशील पहल से राज्य में बालिकाओं के प्रति सकारात्मक बदलाव आ रहा है, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हो रहा है।

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